खगड़िया AISF परबत्ता, खगड़िया के बैनर तले प्रतिरोध मार्च


वैशाली की गुलनाज खातून के साथ छेड़खानी कर जिंदा जलाए जाने के खिलाफ़ तथा पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने के लिए AISF परबत्ता, खगड़िया के बैनर तले प्रतिरोध मार्च परबत्ता हटिया से ब्लॉक गेट तक प्रशांत सुमन के नेतृत्व में किया गया।मौके पर उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुवे प्रशांत सुमन ने कहा "पितृसत्ता हमेशा स्त्रियों का दमन करते आई है। उस दमन के खिलाफ छात्र नौजवानों ने हमेशा आवाज उठाने का काम किया है।आगे उन्होंने कहा कि पिछले दिनों आपने देखा हाथरस में किस प्रकार एक बेटी की, एक बहन का अस्मत भी लूटा गया और उसकी जुवा काट दी गई उसकी मौत हो जाती है और प्रशासन उसकी लाश को उसके परिजन को बिना सौपे जला देती है। उसके खिलाफ भी हमारी लड़ाई जारी है लेकिन कुछ लोग हत्यारों के पक्ष में इसलिए खड़े हो जाते हैं कि अपराधी समाज के वर्चस्ववादी जाति से आते हैं। किस प्रकार खुलेआम उनके परिजनों को डराया जाता है उन्हें धमकियां दी जाती है वह वीडियो भी वायरल हुआ था । 




वैशाली में गुलनाज को भी जिंदा जला दिया गया । एक तरफ आग शांत नहीं होती है कि दूसरी लग जाती है। हम इस मार्च से मांग हैं कि गुलनाज के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और उसके परिवार के सुरक्षा की गारंटी करे।सामाजिक न्याय आंदोलन, बिहार के सौरव कुमार ने कहा "सत्ता दबंगों के हाथ में स्थानांतरित हो गई है जो अपनी मनमर्जी से प्रशासन को चलाती है। गुलनाज के साथ 30 अक्टूबर को बर्बरता होती है उसे जिंदा जला दिया जाता है सरकार के इशारे पर प्रशासन इसे 15 दिनों तक दबा के रखती है।इससे स्पष्ट है की बिहार में सुशासन नहीं बल्कि दुःशासन की सरकार है।मौके पर सबीना खातून, कुंदन कुमार, रौशन कुमार, मयंक कुमार, टुनटुन कुमार, बिट्टु मिश्रा, चार्ली आर्या, शंकर कुमार, श्रीराम कुमार, विश्वजीत कुमार, सूरज कुमार, समरजीत, विकाश, संदीप, सन्नी कुमार इत्यादि मौजूद थे ।