03 दिसंबर 2020 को सैनिक स्कूल पुरुलिया के कैडेट अमित राज बिहार के अपने गृहक्षेत्र नालंदा में थे, सुबह 06:00 बजे जोगिंग करते हुए उन्होंने पड़ोस में लोगों को चिल्लाते हुए सुना। उसने देखा कि पड़ोसी के घर में आग लगी थी। बिना विचार किये वह 03 बच्चों को बचाने के लिए घर में घुस गया जो अंदर फंसे थे। जब तक उसने पहले दो बच्चों को बचाया तब तक उसके शरीर का 85% हिस्सा जल चुका था, लेकिन फिर भी तीसरे को बचाने का फैसला किया। वह तीसरे बच्चे को बचाने के हालत में नहीं था, लेकिन फिर भी घर में प्रवेश कर गया।



       उनकी वीरता के कारण तीनों बच्चे बच गए थे लेकिन कैडेट अमित 95% तक जल चुके थे। उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। बहादुर अमित 13 दिसंबर 2020 को जिंदगी की जंग हार गए। उनकी वीरता को हम नमन करते हैं।

          परंतु दुःख इस बात का है कि अमिताभ बच्चन को छींक आने पर, अनुष्का को गर्भवती होने पर और कोहली को बुखार आने और जिहादियों के पाकिस्तान जिंदाबाद कहने पर जो मीडिया हमसब को पल पल की खबर सुनाती और दिखाती है, ऐसी एक भी मीडिया हाउस ने इस कहानी को कवर नहीं किया। आइए हम सोशल मीडिया की शक्ति का उपयोग करके इस बहादुर आत्मा का व्यक्तिगत रूप से सम्मान करें। क्योंकि इससे हमें बलिदान के मूल्यों की पहचान करने में मदद मिलेगी।