जिले की मुफ्फ सिल पुलिस ने रहीमपुर नया टोला ढाला के निकट गत 6 फरवरी क ो बोलेरो चालक हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है।
इस मामले में पटना व पूर्णिया के तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार बदमाशों में पटना जिले के अथमलगोला थाना क्षेत्र के सबनीना गांव के महमूद आलम के पुत्र आबिद हुसैन उर्फ इखलाख, पूर्णिया जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र के रंगपुरा गांव के मो. जाकिर के पुत्र मो. जाहिद व उसके भांजा जमील अहमद के पुत्र नसीमुद्दीन उर्फ हीरा शामिल हैं। इस मामले में मो. शकीर की तलाश है। वह बोलेरो लेकर अब तक फरार है। हालांकि अभी भी बोलेरो की बरामदगी के लिए पुलिस द्वारा प्रयास किया जा रहा है। थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने शनिवार को बताया कि इस मामले के संबंध में जब अनुसंधान शुरू किया गया तो सीसीटीवी फुटेज के आधार पर भी किसी भी प्रकार का सुराग नहीं मिल रहा था। इसके बाद तकनीकी सेल के सहयोग से बदमाशों के गिरेबां तक पहुंचने का प्रयास शुरू किया गया। इसमें पिछले 5 फरवरी क ो बोलेरो चालक के जिस मोबाइल से बार-बार बात हुई थी उसकी पड़ताल की गई।
इसके बाद बदमाशों क ी पहचान करते हुए बारी-बारी से तीनों की गिरफ्तारी की गई। बदमाशों ने स्वीकार किया कि उनलोगों ने बोलेरो लूटने के उद्देश्य से ही उसकी हत्या पटना जिले के मोकामा के निकट ही कर दी थी। इसके बाद उसके मोबाइल क ो मोकामा के निकट सड़क किनारे फेंक दिया। वहीं शव को मोबाइल लोकेशन से काफी दूर रहीमपुर ढाला के निकट फेंका। बदमाशों ने बोलेरो चालक का ड्राइविंग लाइसेंस भी ले लिया।
रेल डकैती में जेल जा चुका है आबिद: पटना जिले के अथमलगोला थाना क्षेत्र के आबिद हुसैन वर्ष 2018 में बख्तियारपुर रेल डकैती मामले में गिरफ्तार हुआ था। वह इस मामले में वर्ष 2019 के अंतिम माह में जमानत पर रिहा हुआ था। हालांकि अभी उसके अन्य आपराधिक इतिहास का पता नहीं चल पाया है। बताया जाता है कि आबिद हुसैन का ससुराल खगड़िया जिले के मड़ैया थाना के इस्लामपुर में ससुराल है। इधर पुलिस अन्य बदमाशों की गिरफ्तारी को लेकर भी लगातार छापेमारी कर रही है। जिससे जल्द बोलेरो बरामद कर अन्य बदमाशों की भी गिरफ्तारी हो सके। इस अनुसंधान में थानाध्यक्ष रंजीत कुमार, एसआई गुंजन कुमार आदि थे।
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