27 मई: जब देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने ली थी अंतिम सांस
Today in History: आज की तारीख के नाम देश और दुनिया में कई सारे इतिहास दर्ज हैं जिनमें से एक है कि आज ही के दिन देश के पहले प्रधानमंत्री रहे पं. जवाहर लाल नेहरू का निधन हुआ था।
हाइलाइट्स:
आज का दिन यानी 27 मई इतिहास में बेहद खास अहमियत रखता है
आज ही के दिन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री नेहरू ने अंतिम सांस ली थी
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नई दिल्ली
इतिहास एक दिन में नहीं बनता, लेकिन किसी एक दिन की बड़ी घटना इतिहास में एक बड़ा मोड़ ले आती है। आज 27 मई का यह दिन कहने को तो साल के बाकी दिनों की तरह एक साधारण सा 24 घंटे का दिन ही है, लेकिन इस दिन के नाम पर इतिहास में कई बड़ी घटनाएं दर्ज हैं। भारत के इतिहास की बात करें तो देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का निधन आज ही के दिन हुआ था। स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाने के बाद आजाद भारत के प्रथम प्रधानमंत्री के तौर पर जवाहरलाल नेहरू की उपलब्धियों से इतिहास भरा पड़ा है।
जेल के जीवन को भी बना लिया था सृजनात्मक
जवाहरलाल नेहरू ने राजनीतिक जीवन के व्यस्ततम और संघर्षपूर्ण दिनों में लेखन के लिए समय निकाला और जेल के नीरस प्रवास को भी सृजनात्मक बना लिया। उनकी रचनाएं उन्हें एक संवेदनशील साहित्यकार और एक विद्वान इतिहासकार के रूप में पेश करती हैं। ‘पिता के पत्र’ के रूप में संकलित बेटी इंदिरा गांधी को लिखे उनके पत्रों में कुदरत के प्रति लगाव और देश-दुनिया के सरोकारों के प्रति एक दृष्टि विकसित कर सकने की चिंता देखी जा सकती है।
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उनकी लिखी किताब ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ ने सफलता के नये प्रतिमान स्थापित किए और इसके आधार पर बने ‘भारत एक खोज’ धारावाहिक ने इसे घर घर तक पहुंचा दिया। उनकी आत्मकथा ‘एन आटोबायग्राफी’ में उन्होंने अपने जीवन की कहानी का सुंदर शब्दों में वर्णन किया। इन पुस्तकों के अतिरिक्त 'जवाहरलाल नेहरू स्मारक निधि' ने उनके व्याख्यान, लेख और पत्रों को संग्रहित कर ‘जवाहरलाल नेहरू वांग्मय’ का हिंदी और अंग्रेजी में प्रकाशन किया है।
देश दुनिया के इतिहास में आज की तारीख में दर्ज अन्य घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-
1703 : सेंट पीटर्सबर्ग की स्थापना। रूस के इतिहास में इस शहर का खास महत्व है और इसे 1917 की महान रूसी क्रांति के गवाह के तौर पर विशेष पहचान मिली।

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