उत्तराखंड के रुद्रपुर में सिडकुल के सेक्टर सात में स्थित पराक्स एबीएस कंपनी में शुक्रवार को आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि दमकल की 12 गाड़ियां 12 घंटे बाद भी आग पर काबू न पा सकीं। 14 घंटे बाद भी खबर लिखे जाने तक आग बुझाने के प्रयास जारी थे। दमकल अधिकारियों के अनुसार आग से कंपनी मालिक को 10 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने की अनुमान है। 



सिडकुल के सेक्टर सात प्लाट नंबर 43, 44 में पराक्स एबीएस लाइटिंग कंपनी है। यहां पर एलईडी बल्ब और बिजली की झालरें बनती हैं। शुक्रवार को कंपनी बंद थी। सुबह साढ़े पांच बजे कंपनी में तैनात सुरक्षा गार्ड ने बिल्डिंग से धुआं उठता देखा। उसने तत्काल इसकी सूचना कंपनी मैनेजर और दमकल विभाग को दी। सूचना मिलते ही सीएफओ वंश बहादुर यादव टीम के साथ मौके पर पहुंच गए।


आग के विकराल रूप धारण करने पर हल्द्वानी और सिडकुल की चार कंपनियों की एंबुलेंस बुलानी पड़ीं। सुबह साढ़े पांच बजे लगी आग शाम पांच बजे तक नहीं बुझ सकी थी। सीएफओ ने बताया कि कंपनी के ग्राउंड, प्रथम और द्वितीय फ्लोर आग की चपेट में आ गए थे। कंपनी में प्लास्टिक का सामान अधिक होने पर आग बेकाबू होने से बुझाने में काफी दिक्कतें आईं। उन्होंने बताया कि आग से आसपास की कंपनियों को किसी तरह का खतरा नहीं है। कहा कि देर रात तक आग को काबू कर लिया जाएगा। आग बुझाने में चार फायर वाहन रुद्रपुर, दो पंतनगर, एक हल्द्वानी, एक टाटा मोटर्स, एक अशोक लेलैंड, एक हिंदुस्तान जिंक व एक वाहन बजाज कंपनी से मंगाया गया था। सीएफओ के अनुसार आग से कंपनी को करीब 10 करोड़ का नुकसान हुआ है। आग बुझने के बाद इसका सटीक आकलन किया जाएगा। 


एसएसपी और एसडीएम पहुंचे मौके पर 

कंपनी में आग लगने की सूचना पर एसएसपी डीएस कुंवर, एसडीएम विशाल मिश्रा, आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर, तहसीलदार भूपेंद्र सिंह चौहा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने दमकल कर्मियों का हौसला बढ़ाने के साथ ही सुरक्षा और सावधानी के साथ आग बुझाने के निर्देश दिए। एसएसपी डीएस कुंवर ने बताया कि आग बुझाने के प्रयास जारी हैं। बताया कि आग से किसी प्रकार का खतरा नहीं है। कंपनी में काम बंद होने से बड़ा हादसा होने से टल गया।